“पुरुषार्थ का पर्याय” पुस्तक का लोकार्पण
देहरादून 22 जनवरी, 2026। “पुरुषार्थ का पर्याय” आदरणीय लोकेश नवानी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित हुई पुस्तक का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा “गढ़ भारती” के सौजन्य से लोकार्पण हुआ। पुस्तक का संपादन एवं संकलन शान्ति प्रकाश ‘जिज्ञासु’ जी ने किया। कार्यक्रम 22 जनवरी को लोकेश नावाने जी के जन्मदिन पर आयोजित किया गया यह कार्यक्रम बहुत ही भव्य रहा। कार्यक्रम में गरिमा में उपस्थित थी। लोकेश नवानी जी पर आधारित पुस्तक में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के लिए 32 अलग-अलग लोगों के आर्टिकल संग्रहित किए गए। जिसमें उनकी शुरुआती यात्रा अपने गांव से मध्य प्रदेश जहां पर उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा ग्रहण की उसके बाद वह दिल्ली आगए दिल्ली के बाद देहरादून तथा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में बड़े-बड़े शहरों में जाकर उन्होंने मातृभाषा के लिए कार्य किया उन्होंने जगह-जगह भाषा संगोष्ठियों की और कवि सम्मेलन आयोजित किए । यह बहुत ही बिखरा हुआ कार्य था जिसे समेटना भी दुष्कर कार्य था। इस कार्य को सहज रूप से उकेरा नहीं जा सकता था। इस काम को करने में शान्ति प्रकाश जिज्ञासु को लगभग 4 वर्ष लगे, यद्यपि पूरा काम संग्रहित नहीं हो पाया किन्तु बहुत हद तक समेट कर एक पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी थे उन्होंने कहा पुरुषार्थ का पर्याय बहुत ही प्रासंगिक शीर्षक है उन्होंने लोकेश नवानी जी के किए गए कार्यों को भी उदृत किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर संजय जसोल कुलपति डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी थे उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति अपने आप में एक संस्था हो सकता है लेकिन लोकेश नवानी कई कई संस्थाओं के संस्थापक हैं जिसमें गढ़ भारती, धाद, उतर्जन आदि संस्थाएं हैं और इसके अंदर अलग-अलग समूह हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में साहित्यिक, सांस्कृतिक, महिला चेतना तथा अन्य सामाजिक कार्य कर रहे हैं। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार श्री सोमवारी लाल उनियाल मंच पर उपस्थित थे। इस अवसर पर डॉक्टर आशा रावत, डॉक्टर जगदंबा कोटनाला, महेंद्र ध्यानी, शिवदयाल शैलेश, और दिनेश डबराल ने वक्तव्य दिए इस कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अर्चना डिमरी ने किया । कार्यक्रम में उपस्थित प्रोफेसर अर्चना नौटियाल, प्रोफेसर प्रकाश नौटियाल डॉ राकेश भट्ट, डीसी नौटियाल, विजय जुयाल, ललित मोहन भट्ट , कान्ता घिल्डियाल, राकेश मोहन, डॉ एम आर सकलानी, लक्ष्मण सिंह रावत, प्रेमलता सलमान, बिना कंडारी, अनीता सिमलान, गजेंद्र नौटियाल आदि उपस्थित थे । इस अवसर पर नवीन नौटियाल जी को उनकी पिक्चर तीसरी में के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत श्रीचंद्रशेखर तिवारी दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र ने किया और धन्यवाद ज्ञापन श्री शान्ति प्रकाश जिज्ञासु ने दिया।











