मीडिया और लोकतंत्र पर दून पुस्तकालय में अनूप कुमार का व्याख्यान
देहरादून, 5 जून, 2026, दून पुतस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से मीडिया और लोकतंत्र : उद्यमी पत्रकारिता व डिजिटल जन समूह विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। मीडिया क्षेत्र के अध्येता प्रो.अनूप कुमार ने इस व्याख्यान को प्रस्तुत किया. अनूप सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि मीडिया और लोकतंत्र के बीच संबंधों को समझने और समझाने के लिए हमें जनमत निर्माण की प्रक्रिया को गहराई से समझना होगा। जनमत अध्ययन के क्षेत्र में अग्रणी विद्वानों की बहस और मीडिया प्रभावों पर किए गए मूलभूत शोध पर आधारित यह व्याख्यान, जनमत निर्माण में समकालीन डिजिटल मीडिया और उद्यमी पत्रकारिता की भूमिका और परिणामस्वरूप लोकतंत्र से मीडिया के संबंध को समझने के लिए एक ढांचा प्रस्तुत करता है। यूट्यूब और सोशल मीडिया पर उद्यमी पत्रकारिता के उदय और साथ ही डिजिटल जनसमूह में हुई व्यापक वृद्धि ने पत्रकारों को जनमत के नेता बना दिया है, जिन्हें लोकप्रिय रूप से प्रभावशाली व्यक्ति भी कहा जाता है। इससे पत्रकारिता और जनमत अध्ययन में एक पुरानी समस्या फिर से उभर आई है।
पत्रकारों की भूमिका क्या है क्या उन्हें जनता को यह बताना चाहिए कि समाज और राजनीति पर अपनी राय बनाते समय किन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करना चाहिए या जनता को समाज और राजनीति पर अपनी राय बनाते समय महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैसे विचार करना चाहिए? इस पर प्रो अनूप ने कहा कि हम देख रहे हैं कि यूट्यूब और सोशल मीडिया पर उद्यमी पत्रकार डिजिटल जनसमूह को यह बता रहे हैं कि कैसे सोचना है, न कि क्या सोचना है। ऐसा शायद इसलिए हो रहा है क्योंकि बहुत कम यूट्यूब और सोशल मीडिया पत्रकार मौलिक रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जो तथ्यों को स्थापित करने और महत्वपूर्ण मुद्दों को बताने के लिए आवश्यक है। इस चर्चा में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि इससे लोगों के दिमाग में परस्पर विरोधी धारणाओं का टकराव पैदा हो गया है और डिजिटल दर्शकों के सामने दो-तरफ़ा विचार पेश किए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाचार फीड को नियंत्रित करने वाले एल्गोरिदम के कारण दर्शकों को केवल वही विचार या विचारधारा मिल रही है जो प्लेटफॉर्म को लगता है कि उन्हें पसंद आएगी, जिससे वे तथ्यों से परे विचारों के भंवर में फंसते जा रहे हैं।
प्रो. अनुप कुमार मीडिया, राजनीति और समाज के अंतर्संबंधों के प्रतिष्ठित अध्येता हैं। वर्तमान में वेक्लीवलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी,अमेरिका में निदेशक एवं प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।अकादमिक जीवन में आने से पूर्व वे उत्तराखण्ड में सक्रिय पत्रकार रहे हैं। समाचारों के समाजशास्त्र तथा मीडिया-राजनीति संबंधों पर उनका शोध अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है.वे “द मेकिंग ऑफ ए स्मॉल स्टेट के लेखक हैं।वर्तमान में वे डिजिटल समाजशास्त्र, डिजिटल जन-परिसरों (DigitalPublics) तथा नए मीडिया और पत्रकारिता के उभरते स्वरूप पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक पर कार्य कर रहे हैं.
कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के कार्यक्रम अधिकारी चंद्रशेखर तिवारी ने प्रो.अनूप कुमार व उपस्थित लोगों का स्वागत किया. हिमांशु आहूजा ने अनूप सिंह का परिचय दिया और राजू गुसाई ने समापन करते हुए धन्यवाद दिया. कार्यक्रम के अन्तिम चरण में उपस्थित लोगों ने सवाल-जबाब भी किये ।
कार्यक्रम में राजू गुंसाई, एल एन सीली, मदन डुकलान, भूमेश भारती, प्रेम पंचोली, आलोक सरीन, संदीप सिंह, डॉ. लालता प्रसाद,सुंदर बिष्ट, जगदीश बाबला, परम जीत सिंह, सतपाल गांधी, देवेन्द्र कांडपाल, डॉ.अतुल शर्मा, डॉ.हर्ष डोभाल, डॉ.एस.पी. सती साहित अन्य लेखक, साहित्यकार, पत्रकार व शहर के अन्य लोग उपस्थित रहे.











