जन जीवन के यथार्थ को व्यंग्य कविताओं के रंगों से कविगणों ने किया उजागर
देहरादून,29 नवम्बर, 2025. आज देहरादून स्थित दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से व्यंग्य परक कविताओं की एक शाम का आयोजन किया गया.इसमें शहर के नामचीन कवियों ने शिरकत की।
मंच पर उपस्थित कवियों में डॉ. अतुल शर्मा,श्री राकेश चंद्र जुगरान,श्री वीरेंद्र डंगवाल पार्थ,श्री लक्ष्मी प्रसाद बडोनी ‘दर्द गढ़वाली ‘ और श्री नीरज नैथानी ने अपनी कविता पाठ से सामाजिक जन जीवन में मौजूद यथार्थ को व्यंग्य परक कविताओं के माध्यम से उजागर करने का बेहतरीन प्रयास किया ।
सभी कवियों की रचनाओं ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशन खोरी, मिलावट, गरीबी, भुखमरी, सामाजिक असमानता, जाति वर्ग, भेदभाव पर तंज करते हुए सामाजिक सौहार्द व परस्पर सहयोग करते तथा खुद के स्तर पर सामाजिक दायित्वों के निर्वहन करने का सार्थक संदेश दिया। सभागार में उपस्थित लोगों ने मंचासीन कवियों के चुटीले और व्यंग्य रस से ओतप्रोत कविताओं का भरपूर आंनद उठाया.
कविता सम्मेलन की अध्यक्षता लेखक व जनकवि डॉ. अतुल शर्मा व ओजपूर्ण संचालन नीरज नैथानी ने किया.
इस दौरान शहर के अनेक साहित्यकार, लेखक, कवि और साहित्यप्रेमी सहित, राजीव नयन बहुगुणा, चन्द्रशेखर तिवारी, देवेन्द्र काण्डपाल, डॉ. प्रह्लाद सिह रावत, प्रेम पंचोली, पुष्पलता मंगाई, मधन सिंह बिष्ट, डॉ . लालता प्रसाद, सुन्दर सिंह बिष्ट, मेघा विल्सन और अन्य गणमान्य लोग, युवा पाठक आदि मौजूद रहे.











