दून पुस्तकालय में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से जुड़े अभिलेखों की प्रदर्शनी का समापन

दून पुस्तकालय में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से जुड़े अभिलेखों की प्रदर्शनी का समापन

देहरादून, 14 नवंबर, राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती अवसर पर राज्य अभिलेखागार, (संस्कृति विभाग)उत्तराखण्ड तथा दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन आज हो गया . यह प्रदर्शनी दून पुस्तकालय के एम्फीथियेटर में आयोजित की गई थी.

इस प्रदर्शनी में राज्य अभिलेखागार,उत्तराखण्ड की ओर से उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से जुड़े विविध अभिलेखों को प्रदर्शित किया गया। जिसे तकरीबन 1200 लोगों ने अवलोकन किया. इसमें बड़ी संख्या में पुस्तकालय के युवा पाठक, सदस्यगण, आयोजित कार्यक्रमों में आये लोग और उत्तराखण्ड आंदोलन में शरीक लोग, इतिहास विदऔर उनके परिजन शामिल रहे।

इस में प्रदर्शनी उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग, तप, समपर्ण और शहादत के विविध पक्षों को अभिलेखों के जरिये उजागर किया गया था। इससे युवाओं, छात्रों व शोधार्थियों व आम जन मानस को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के इतिहास पर कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलीं।

राज्य अभिलेखागार के श्री मनोज जखमोला द्वारा प्रदत्त जानकारी के आधार पर प्रदर्शनी में आये लोगों ने समाचार पत्रों में प्रकाशित जुलूस,लाठीचार्ज, फायरिंग, आगजनी, गिरफ्तारी व कर्फ्यू की खबरें व चित्रों,आंदोलन से जुड़े कई पोस्टर, पर्चे, सूचना,पम्पलेट, जनगीत, कविताओं, अखबारों के सम्पादकीय कॉलम व पुस्तकों में प्रकाशित विविध आलेखों को रुचिपूर्वक देखा. इस दौरान कुछ लोगों ने उत्तराखण्ड आंदोलन से सम्बंधित राज्य अभिलेखागार में दर्ज करने हेतु तकरीबन 1000 से अधिक विविध अभिलेख भी भेंट किये.