युवा कवियों ने दून पुस्तकालय के मंच से बरसाये कविता के विविध रंग

युवा कवियों ने दून पुस्तकालय के मंच से बरसाये कविता के विविध रंग

देहरादून, 22 नवम्बर, 2025, देहरादून स्थित दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से *मंच* संस्था के सहयोग से आयोजित जश्न-ए- देहरादून कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया.

इस कार्यक्रम मैं उत्तराखण्ड, ग़ाज़िआबाद, दिल्ली, बनारस एवं राजस्थान से आये हुए नवोदित,युवा एवं प्रतिष्ठित शायरों ने अपने लिखे हुए खज़ाने को परोसा जनता क़े सामने परोसा.

कविता पाठ के दौरान कवि आशु चंद्रा ने कहा आँखों मैं ख्वाब क्या रखते तेरे होते सराब क्या रखते. वहीं कवियत्री उमा ने मंच पर रचना का पाठ करते हुए कहा तेरी याद मैं दिल जलाते रहेंगे, तेरे दिल मैं बेखौफ आते रहेंगे. एक अन्य कवि अनुज कपूर ने जोश खरोस से फरमाया इश्क मे बाज़ी भी ऐसे हारी गयी है, इक पियादे से रानी मारी गयी है.

कार्यक्रम में संस्थापक कुलदीप सिंह धरवाल, आतिफ़ क़ुद्दूसी साहब की निज़ामत और अध्यक्ष मीरा नवेली ज़ी क़े सानिध्य मैं कवि हलधर, अनुज कपूर, कैफ़ी कुनाल, मिर्ज़ा असजद देवबंदी, आयुष शर्मा, राजीव बिल्ला, डा प्रियंका नेगी, सागर यदुवंशी, फाल्गुनी पवि, प्रेरणा सिंह, प्रशांत कौशिक, आशु चंद्रा, प्रियंका नेगी, उमा गोस्वामी, सौम्या बेनीवाल शिवानी साहू, हर्षिता पांडे, दर्द गढ़वाली एवं इंदु ज़ी ने अपनी स्वरचित रचनाएं पढ़ी.

मंच क़े संस्थापक कुलदीप धरवाल ज़ी ने बताया की मंच का उद्देश्य भारत क़े सर जमीं पर छुपे हुए कलाकारों को संसार क़े सामने लाना रहा है, जिसमे पिछले एक वर्ष मैं उन्हें अपार सफलता मिली है, और वह आगे भी इसी तरह क़े आयोजन देहरादून में करते रहेंगे और कलाकारों को आगे लेकर आते रहेंगे.

इस दौरान कई साहित्य प्रेमी, युवा पाठक और रसिक कविजन उपस्थित रहे.