बाल कहानी लेखन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों का किया गया सम्मान

बाल कहानी लेखन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों का किया गया सम्मान

देहरादून, 28 जून 2025 –आज सायं दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र ने विगत 24 मई से 6 जून तक आयोजित बाल कहानी लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें बच्चों, माता-पिता, दादा-दादी और सम्मानित जजों के एक पैनल ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।

इस प्रतियोगिता में हिंदी, अंग्रेजी और गढ़वाली में रचनात्मक प्रविष्टियाँ शामिल कि गयीं थीं

इसमें बच्चों के अलावा कुछ बड़ी उम्र के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया था।

कहानी के निर्णायक मंडल में आठ सदस्य – इरा चौहान, कुसुम कोहली, निकोलस हॉफलैंड, बीजू नेगी, चंद्र शेखर तिवारी, स्कंध गुसाईं, निहारिका मेहरा और सिद्धांत अरोड़ा शामिल थे. इस प्रतिष्ठित पैनल ने सभी कहानियों का मूल्यांकन किया और प्रत्येक आयु वर्ग से तीन बेहतरीन कहानियों का चयन किया।

शाम का विशेष आकर्षण निर्णयकों और प्रतिभागियों के बीच “एक अच्छी कहानी क्या होती है” के बारे में एक व्यावहारिक बातचीत रही। लेखक-संगीतकार निकोलस हॉफलैंड ने युवा लेखकों को “अपने जीवन, अपनी जड़ों और अपनी विरासत से प्रेरणा लेने” के लिए प्रोत्साहित होने व बिजू नेगी ने उपस्थित बच्चों को सलाह दी कि “अपने ड्राफ्ट पर काम करना और फिर से काम करना” अनुशासन विकसित करता है और कहानी कहने के कौशल को निखारता है। चंद्रशेखर तिवारी और इरा चौहान ने बाल कहानियों का विश्लेषणत्मक पक्ष को उजागर किया. और कहा कि बच्चों कि कहानियों में गहन संवेदना, ममता, पशु प्रेम, नैतिकता, और कल्पनाशीलता के अनेक तथ्य सामने आये हैं. निकट भविष्य में बाल कहानी लेखन कार्यशाला के माध्यम से बच्चों में लेखन कौशल में और अधिक निखार लाया जा सकता है.

कार्यक्रम में प्रतिभागियों और निर्णयकों द्वारा चयनित कहानियों का वाचन भी किया गया था। चाय पर बातचीत जारी के साथ यह उत्सव समाप्त हुआ। बाल अनुभाग कि प्रभारी मेघा ने सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया.