समाज की बेहतरी के लिए एक न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज का निर्माण आवश्यक – डॉ. एस. इरफान हबीब
देहरादून, शनिवार 6 समाज की बेहतरी के लिए एक न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज का निर्माण आवश्यक – डॉ. एस. इरफान हबीब देहरादून,शनिवार 7 मार्च 2026 दून लाइब्रेरी सभागार में डॉ. एस. इरफान हबीब का व्याख्यान माला का आयोजन केन्द्र के सभागार में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि व समालोचक राजेश सकलानी ने की। कार्यक्रम का संचालन युगवाणी के सम्पादक और पत्रकार संजय कोठियाल ने किया. इस अवसर पर कार्यक्रम में जनसंवाद कार्यक्रम, इप्टा और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से बचीराम कोंसवाल स्मृति व्याख्यान के तहत इस व्याख्यान माला में प्रख्यात इतिहासकार प्रो. एस. इरफान हबीब ने भारत का भविष्य विषय पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर वक्ताओं ने बच्ची राम कौंसवाल के समाज में दिये जनसंघर्षों और सामाजिक सरोकारों के प्रति दिये योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कौंसवाल एकं प्रतिबद्ध जननेता होने के साथ ही संवेदनशील व्यक्ति भी थे। उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से वंचितों, दलितों और श्रमिक जनों की आवाज को मजबूती से उठाया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आंगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. एस. इरफान हबीब ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनके बताए मार्ग ‘पर चलकर ही एक न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज का निर्माण संभव है। कवि और लेखक राजेश सकलानी ने की. जनसंवाद कार्यक्रम समिति, इप्टा और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से इस अवसर पर महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता दीपा कौशलम को बच्चीरा कोंसवाल स्मृति सम्मान भी प्रदान किया.
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद जोशी, बीबीसी की पूर्व संवाददाता शालिनी जोशी, डॉ जितेंद्र भारती, जगदीश कुकरेती, समर भंडारी, जनसंवाद समिति के सतीश धौलाखंडी, निकोलस हॉफलैण्ड, दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के डॉ.डी.के. पाण्डे, चन्द्रशेखर तिवारी, सुंदर सिंह बिष्ट, डॉ. लालता प्रसाद, हरिओम पाली, अरविंद शेखर, रवि चोपड़ा कमेलश खन्तवाल, सतीश धौलाखण्डी सहित कई सामाजिक विचारक, लेखक पाठक आदि मौजूद रहे। मार्च 2026 दून लाइब्रेरी सभागार में डॉ. एस. इरफान हबीब का व्याख्यान माला का आयोजन केन्द्र के सभागार में किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि व समालोचक राजेश सकलानी ने की। कार्यक्रम का संचालन युगवाणी के सम्पादक और पत्रकार संजय कोठियाल ने किया. इस अवसर पर कार्यक्रम में जनसंवाद कार्यक्रम, इप्टा और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से बचीराम कोंसवाल स्मृति व्याख्यान के तहत इस व्याख्यान माला में प्रख्यात इतिहासकार प्रो. एस. इरफान हबीब ने भारत का भविष्य विषय पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर वक्ताओं ने बच्ची राम कौंसवाल के समाज में दिये जनसंघर्षों और सामाजिक सरोकारों के प्रति दिये योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कौंसवाल एकं प्रतिबद्ध जननेता होने के साथ ही संवेदनशील व्यक्ति भी थे। उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से वंचितों, दलितों और श्रमिक जनों की आवाज को मजबूती से उठाया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आंगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. एस. इरफान हबीब ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनके बताए मार्ग ‘पर चलकर ही एक न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज का निर्माण संभव है। कवि और लेखक राजेश सकलानी ने की. जनसंवाद कार्यक्रम समिति, इप्टा और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से इस अवसर पर महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता दीपा कौशलम को बच्चीरा कोंसवाल स्मृति सम्मान भी प्रदान किया.
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद जोशी, बीबीसी की पूर्व संवाददाता शालिनी जोशी, डॉ जितेंद्र भारती, जगदीश कुकरेती, समर भंडारी, जनसंवाद समिति के सतीश धौलाखंडी, निकोलस हॉफलैण्ड, दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के डॉ.डी.के. पाण्डे, चन्द्रशेखर तिवारी, सुंदर सिंह बिष्ट, डॉ. लालता प्रसाद, हरिओम पाली, अरविंद शेखर, रवि चोपड़ा कमेलश खन्तवाल, सतीश धौलाखण्डी सहित कई सामाजिक विचारक, लेखक पाठक आदि मौजूद रहे।











