दोहरे-पर्दे की कथात्मक फिल्म का प्रदर्शन
देहरादून, 14 अगस्त, 2025.दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज सायं 4:30 बजे टेप स्टोरी 03 फिल्म का प्रदर्शन किया गया. इस फिल्म का लेखन, फिल्मांकन, और संपादन वादी ने किया है. फिल्म के इस भाग 1 की अवधि 90 मिनट रखी गयी है जो हिंदी और उड़िया में है.
कार्यक्रम के प्रारम्भ में फिल्म के जानकार निकोलस हॉफलैण्ड ने कहा कि यह दुनिया की पहली लो-फाई दोहरे-पर्दे की कथात्मक फिल्म है जिसे यहां प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होनें कहा कि इस विशेष फिल्म में कहानी एक ही समय में दो पर्दों पर दिखाई जाती है,। इसमें दोनों प्रक्षेपण एक साथ चलते हैं, इसमें दर्शकों को स्मृति और अनुभूति की समानांतर धाराओं के बीच संचलन करने तथा प्रत्येक दर्शक को अपने दिल-दिमाग में खुद की ‘तीसरी फिल्म’ बनाने के लिए स्वतंत्र रखा जाता है।
लेखक फिल्मांकन कर्त्ता और संपादक सौरव ‘वादी ‘ ने कहा कि टेप स्टोरी 03 एक नए तरह का दृश्य अनुभव है जिसे किनेमा कहा जाता है। किनेमा दिल्ली स्थित कलाकार वादी द्वारा विकसित एक अवधारणा है। सिनेमा टीवी या वेब सामग्री से अलग कला रूप है। अतीत में कई कलाकारों ने ऐसी फिल्में बनाने की कोशिश की है जो इस अंतर को दर्शाती हैं। हालांकि वादी का मानना है कि अभी भी कई रूढ़िवादी विचार हैं जिन्हें तोड़ने की जरूरत है। इसलिए किनेमा के ढांचे के तहत वह फिल्में बनाने के कई अन्य तरीकों की खोज करते हैं, लेकिन एक गैर-रूढ़िवादी तरीके से। टेप स्टोरी 03 में उन्होंने केवल एक स्क्रीन का उपयोग करके फिल्में दिखाने के रूढ़िवादी विचार को तोड़ने का ऐसा ही एक प्रयास किया है। इसके बजाय उन्होंने फिल्म दिखाने के लिए एक डबल स्क्रीन सेटअप का इस्तेमाल किया है। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ेगी, कई और किनेमा परियोजनाएं हैं जिन्हें वह जीवंत करने की कल्पना करते हैं।
आज के इस फिल्म प्रदर्शन के बाद दर्शकों की ओर से कुछ सवाल जबाब भी किये गये.
फिल्म प्रदर्शन कार्यक्रम में हिमांशु आहूजा, मेघा, अशोक सिंह महर, दयानंद अरोड़ा, डॉ. लालता प्रसाद, सुंदर सिंह विष्ट, चन्द्रशेखर तिवारी, के. बी. नैथानी, राकेश कुमार, आर्यन, कई फिल्म प्रेमी, लेखक व अन्य लोग उपस्थित रहे.











