उत्तराखण्ड की विकास यात्रा पर केंद्रित पुस्तक का लोकार्पण

उत्तराखण्ड की विकास यात्रा पर केंद्रित पुस्तक का लोकार्पण

देहरादून, 7 जुलाई, 2025. दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज प्रातःकालीन सत्र में भूगोलवेत्ता प्रोफेसर एस. सी.खर्कवाल की पुस्तक उत्तराखंड : विकास के 25 वर्ष का लोकार्पण किया गया. लोकार्पण के बाद एक सार्थक चर्चा हुईं. इसमें लेखक प्रो. एस.सी. खर्कवाल और वार्ताकार के रूप में . सुशील कुमार, प्रो. के.सी.पुरोहित,प्रो. वी.पी. सती, प्रो. डी.सी गोस्वामी, प्रोफेसर सुनील सक्सेना व् डॉ. कमला पंत ने अपने विचार व्यक्त किये.

कार्यक्रम का संचालन डॉ. योगेश धस्माना ने किया. प्रारम्भ में उपस्थित लोगों का स्वागत केंद्र के प्रोग्राम एसोसिएट चंद्रशेखर तिवारी ने किया.

वक्ताओं ने कहा की यह पुस्तक उत्तराखण्ड के पिछले पच्चीस सालों की विकास यात्रा को बखूबी से चित्रित करती है। इस पुस्तक में लेखक ने स्थानीय भौगोलिक पृष्ठभूमि व राज्य की अर्थव्यवस्था का परिचय प्रस्तुत करने के अलावा भू उपयोग, वन,कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, दुग्ध व् मत्स्य विकास, और औद्योगिक, परिवहन, शिक्षा व स्वास्थ्य पर राज्य बनने से पूर्व तथा उसके बाद की स्थितियों का उल्लेख तालिकाओं व तथ्यात्मक विवरणों के साथ किया है.

वक्ताओं ने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड के पूर्ण राज्य बनने की रजत जयंती के अवसर पर, भूगोलवेत्ता प्रो.एस.सी.खरकवाल द्वारा लिखित यह पुस्तक बहुत ही मूल्यवान पुस्तक है । यह पुस्तक राज्य के क्षेत्रीय भूगोल में एक और मील का पत्थर की तरह साबित होगी ऐसी आशा है। कुल 235 पृष्ठों वाले 11 सुंदर अध्यायों वाली इस पुस्तक को इन 25 वर्षों के दौरान उत्तराखंड के समग्र विकास के स्थानिक-कालिक पहलुओं का विश्लेषण करने के लिए तैयार किया गया है। लेखक ने छात्रों, शोधकर्ताओं, योजनाकारों, नीति निर्माताओं, प्रशासकों और राजनेताओं के लाभ के लिए इस बहुमूल्य पुस्तक को प्रकाशित करने में बहुत प्रयास किया है। यह एक प्रामाणिक संदर्भ पुस्तक होगी। इसकी भाषा बहुत ही सरल और समझने योग्य है तथा इसमें संबंधित तालिकाओं, आरेखों और मानचित्रों द्वारा समर्थित तथ्यों का विश्लेषण किया गया है। प्रो.खरकवाल का यह कार्य राज्य के विकास के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए एक आंख खोलने वाला होगा। वक्ताओं ने लेखक और प्रकाशक दोनों ही बधाई भी दी।

कार्यक्रम में कार्यक्रम में भारत सरकारकार में संयुक्त सचिव रहे अनिल बहुगुणा, प्रो कमलेश कुमार,कानपुर आई आई टी,के प्रो मोहन भंडारी,राज्य अभिलेखागार के निदेशक लालता प्रसाद, सुरेंद्र सिंह सजवान,ब्रिगेडियर भारत भूषण,विजय शंकर शुक्ल,पत्रकार प्रेम पंचोली,डॉ संगीता बिजलवान जोशी, सुशीला भंडारी, देवेंद्र कांडपाल ,सुशीला राजपूत,ममता जोशी, कमांडेंट एन एस. रावत,पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक कमला पंत,सुशील कुमार,निदेशक, सांख्यिकी उत्तराखंड सरकार,दूरदर्शन के प्रतिनिधि मंजुला तिवारी,भारती आनंद सहित कई शिक्षाविद, नियोजक, भूगोलविद्, लेखक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता,युवा पाठक आदि उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ब्रिग्रेडियर मनोज खर्कवाल ने दिया.