देहरादून सिटीजन फोरम की पहल पर शहर के मुद्दों पर दून पुस्तकालय में टाउनहॉल का आयोजन
देहरादून, 21 जनवरी, 2026. प्रात: कालीन सत्र में देहरादून सिटीजन फोरम की ओर से आज एक नई पहल की शुरुआत की गई। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में एक संवाद जो जनता के विभिन्न मुद्दों पर केन्द्रित रहा, का आयोजन किया गया। टाउनहॉल मीटिंग में जिला प्रशासन सहित 7 विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जनता की ओर से सवाल पूछे गये और अधिकारियों ने सवालों के जवाब दिये। ये सवाल मुख्यतः शहर की व्यवस्थाओं को लेकर थे। कई बार अधिकारी सवालों से असहज भी हुए। कई लोगों ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये। कार्यक्रम में सभी 7 विभागों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी अधिकारियों को दिये गये।
टाउनहॉल की शुरुआत फोरम के जगमोहन मेहंदीरत्ता ने की। उन्होंने शहर की विभिन्न समस्याओं और उन समस्याओं के समधान के लिए जरूरी पहल न किये जाने की बात कही। इनमें मुख्यतः रोड जाम, अतिक्रमण, पार्किंग जैसी समस्याएं शामिल थे। भारती जैन और फ्लोरेंस पांधी ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। उन्होंने पिछले दो सालों में डीसीएफ के कार्यक्रमों का ब्योरा दिया और कहा कि फोरम ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य किये। इनमें मेयर उम्मीदवारों के साथ ग्रीन एजेंडा पर चर्चा, रोड सेफ्टी अभियान, सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा, कचरा प्रबंधन, विद्युत शवदाह गृह, मलबा डंपिंग जोन, एलिवेटेड रोड को लेकर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखना जैसी गतिविधियां शामिल थी।
रमना कुमार ने पीपीटी के जरिये शहर में ट्रैफिक लाइट, पार्किंग की समस्या, फुटपाथों पर अतिक्रमण, सहस्रधारा रोड पर ट्रैफिक अस्त-व्यस्त होने और जगह-जगह सड़कों के किनारे और खाली जगहों पर लगे कूड़े के ढेरों के बारे में चर्चा की। अनूप नौटियाल ने सवाल किया कि देहरादून शहर के लिए जब कोई योजना बनती है तो शहर के लोगों की राय क्यों नहीं ली जाती। ऐसा क्यों है कि मुख्यमंत्री और कुछ मंत्री बैठकर फैसला ले लेते हैं, जबकि मुख्यमंत्री और मंत्री अस्थाई हैं, जबकि जनता स्थाई है।
कार्यक्रम में परिवहन विभाग के शैलेश तिवारी ने कहा कि शहर को जल्द 100 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं। नये मैजिक वाहन और लोगों को घर तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा बढ़ाए जा रहे हैं। नगर निगम केे डॉ. अविनाश खन्ना ने कहा घरों से कचरा उठाने के काम को पहले से ज्यादा व्यवस्थित किया जा रहा है। 100 नये ई-रिक्शा कचरा उठाने के काम में लगाये जा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डॉ. अंकुर कंसल का कहना था कि सड़कों पर लगने वाले जाम और बार-बार सड़कें खोदे जाने के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदूषण को स्रोस से ही नियंत्रित करने की जरूरत बताई।
ट्रैफिक पुलिस के ललित बोरा ने कहा कि घंटाघर, दर्शनलाल चौक, लैंसडाउन चौक सहित सभी चौराहों पर जाम से निपटने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाम कई कारणों से लगता है, जिनमें वीआईपी मूवमेंट भी एक कारण है। एमडीडीए से राहुल कपूर का कहना था कि यदि उन्हें उन जगहों की सूची उपलब्ध करवाई जाए, जहां पौधारोपण हो सकता है तो एमडीडीए पौधारोपण करने का प्रयास करेगा। पीडब्ल्यूडी के ओपी सिंह ने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने से शहर का और बाहर से आने वाला ट्रैफिक अलग हो जाएगा, इससे शहर को जाम की स्थिति ने निजात मिलेगी।
टाउहॉल का सवाल जवाब कार्यक्रम काफी गहमा-गहमी भरा रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनके विभागों से संबंधित कई तरह के सवाल पूछे। लोगों ने समस्याओं का समाधान करने के सुझाव भी दिये। लोगों से मिले इन सुझावों को अधिकारियों से स्वागत किया और कहा कि वे अपने विभाग में इन सुझावों पर चर्चा करेंगे और उन्हें क्रियान्वित करने का प्रयास करेंगे।
अधिकारियों को सौंपे गये नागरिक मांग पत्र में नगर निगम से संबंधित 12 मुद्दों का जिक्र किया गया है और समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी सुझाव दिये गये हैं। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस से संबंधित 10, पीडब्ल्यूडी से संबंधित 11, एमडीडीए से संबंधित 11, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित 10, परिवहन विभाग से संबंधित 9 और जिला प्रशासन से संबंधित 10 मुद्दों को मांग पत्र में शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में फोरम के कई अन्य सदस्यों और देहरादून के भारी संख्या में नागरिक और युवा शामिल थे। ग्राफिक ऐरा यूनिवर्सिटी के मास कॉम विभाग के छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने पहल को सकारात्मक बताते हुए इसे आगे जारी रखने पर बल दिया।
संवाद में भाग ले रहे विविध विभागों के उपस्थित अधिकारी प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाओं युवा छात्रों तथा अन्य लोगों के मध्य हुए इस संवाद की सभी लोगों ने सराहना की. लोगों ने कहा कि इस तरह के सार्थक संवाद के आयोजन को शहर के नागरिकों की पर्यावरण, सड़क, यातायात, स्वच्छता जैसे मूलभूत सुविधाओं की प्राप्ति में आ रही समस्याओं और उनके समुचित समाधान की दिशा में यह वाकई एक महत्वपूर्ण पहल है।
(देहरादून सिटीजंस फोरम द्वारा प्राप्त विवरण पर आधारित )











