दून पुस्तकालय में एम.एन. रॉय स्मृति व्याख्यान का आयोजन
देहरादून 21 मार्च, 2026.दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में इंडियन रेनेसां क्लब के सहयोग से एम.एन. रॉय स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया. इसका विषय था शिक्षा और जनतांत्रिक संवेदना. इसके व्याख्याता थे प्रोफे. अपूर्वानंद.
प्रोफे. अपूर्वानंद नें अपने व्याख्यान में एम.एन. रॉय को याद करते हुए कहा कि किसी भी देश अथवा क्षेत्र जनतांत्रिक संवेदना में बुनियादी ईकाई के रुप में व्यक्ति होता है। अपनी प्रगतिशील विचार धारा में एम.एन राय ने अपनी विचार धारा से देश विदेश के श्रमिकों, किसानों और जमीनी स्तर के बुनियादी काम करने वाले लोगों के हमेशा पक्षधर रहते हुए उनके हित के लिए काम किया.
प्रो. अपूर्वानंद ने आगे कहा कि इस व्याख्यान का महत्व इस तथ्य में है कि एमएन रॉय और एलेन रॉय ने 1946 में देहरादून में रेडिकल ह्यूमनिस्ट मूवमेंट की शुरुआत की और उन्होंने यहां भारतीय पुनर्जागरण संस्थान की स्थापना की और एमएन रॉय और एलेन रॉय की समाधि भी देहरादून में ही है। उन्होनें यह भी बताया कि कैसे एमएन रॉय के दर्शन में व्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर जोर दिया गया है।
उन्होंने समझाया कि कैसे एक व्यक्ति परिवार, समुदाय और संस्थानों के दबाव के बीच अपनी पहचान बनाता है। इस स्थिति में शिक्षा को संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। शिक्षा की भूमिका छात्रों को महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण हो जाती है और जैसा कि रॉय ने कहा है कि रेडिकल डेमोक्रेटिक स्टेट ने शिक्षा को हथियार बनाया और इसे हेजेमोनाइज किया, लेकिन यह नागरिकों की राजनीतिक और नागरिक शिक्षा के लिए एक उपकरण भी बन सकता है।
एमएन रॉय की विरासत को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ यह बैठक समाप्त हुई। कार्यक्रम के प्रारंभ में चन्द्रशेखर तिवारी ने स्वागत भाषण दिया और फिर भारतीय पुनर्जागरण क्लब से शालू निगम और निकोलस हॉफलैण्ड ने एमएन रॉय के जीवन और विरासत के बारे में लोगों को बताया।
कार्यक्रम के समापन से पहले लोगों ने प्रो. अपूर्वानंद से कई मुद्दों पर सवाल जबाब भी किये.कार्यक्रम की अध्यक्षता महिलाओं के हित में कार्य कर रही सामाजिक कार्यकर्ती दीपा कौशलम ने किया.
इस अवसर पर अरुण असफल, समदर्शी बड़थ्वाल, कुल भूषण, देवेन्द्र, डॉ. वी. के. डोभाल, हरि ओम, निकोलस, डॉ. पंकज नैथानी, सुंदर बिष्ट, सुजाता पाल, रवि चोपड़ा, अरविन्दर सिंह, योगेन्द्र सिंह, हरवीर सिंह, विजय कुमार, अरविन्द शर्मा, सहित अनेक प्रबुद्ध व युवा लोग उपस्थित रहे.











