दून पुस्तकालय में युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को दिए लक्ष्य पर फोकस करने के टिप्स
देहरादून,1 7 जनवरी, 2026.दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में अमर उजाला के सहयोग से आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को दिए लक्ष्य पर फोकस करने के टिप्स दिये गये. इस दौरान पुस्तकालय के युवाओं ने इन टिप्सों का लाभ लिया..
इस कार्यक्रम में ओरिएंटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. निशी भट्ट ने युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य, स्मरण शक्ति और फोकस को बेहतर बनाने के प्रभावी तरीके बताए। उन्होंन कहा, स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए रटने की नहीं बल्कि समझ और अनुभव इ स सीखवै की जरूरत होती है।
डॉ. भट्ट ने कहा जब पढ़ाई तस्वीरों, संगीत, रंगों, लय और कहानी से जोड़कर की जाती है तो इससे याददाश्त बढ़ती है और वह लंबे समय तक याद रहती है। कहा, याददाश्त का सीधी संबंध हमारी संवेदनाओं से होता है. इसलिए पढ़ाई करते समय पूरे मन से ध्यान लगाना चाहिए। आज बच्चे अपने हुनर को समझने की जगह केवल ट्रेंड के पीछे भागते है। इससे उनकी अपनी रचनात्मकता खत्म खत्म होती जा रही है। इंसान को अपनी रचनात्मकता समझकर उसके अनुसार अपना कॅरिअर चुनना चाहिए।
उन्होंने दिमाग के कार्य करने के तरीके भी बताए। कहा, दायां मस्तिष्क रचनात्मक होता है और बायां मस्तिष्क गणनात्मक। पढ़ाई के दौरान माइंड मैपिंग, विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना और उससे जुड़ने पर जोर दिया। डॉ. निशी ने खानपान को भी याददाश्त से जोड़ा और कहा, दिमाग की सेहत क लिए सही समय पर और सही खाना जरूरी है।उन्होंनें कहा कि ओमेगा-3, मावा, फल और घर का बना खाना याददाश्त को 20 मिनट से ज्यादा न बैंठे । खासकरपढ़ाई करते हुए बीच-बीच में ब्रेक ले.और पानी पीनें के साथ थोड़ी गतिविधि करना जरूरी है।
उन्होंनें युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए। एक युवा ने पूछा, पढ़ाई करने के बाद कुछ याद नहीं रहता। इस पर डॉ. निशी ने कहा, इसके लिए रटने की बजाय समझने और विषय से जुड़ने की जरूरत है। अन्य छात्र न पूछा, पढ़ाई के लिए समय प्रबंधन कस कैसे करें। इस पर उन्होंनें सुबह जल्दी उठने और रात में समय पर सोने पर जोर दिया। उन्होंने योग, ध्यान, बीटिंग एक्सरसाइज, योगनिद्रा, क्लॉपग थेरेपी और छोटे-छोटे ब्रेक लेने की सलाह दी।
इस दौरान पुस्तकालय के कार्यक्रम अधिकारी चंद्रशेखर तिवारी, युवा छात्र पंकज तिवारी, कुल भूषण नैथानी, गुरविंदर सिंह, दून पुस्तकालय स्थित संग्रहालय प्रभारी डॉ. लालता प्रसाद, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष जगादीश सिंह महर, शोध सहायक सुंदर सिंह बिष्ट, अंकिता जोशी आदि मौजूद रहे.
(.अमर उजाला से प्राप्त विवरण पर आधारित )











