भारतीय शास्त्रीय संगीत से रूबरू हुए श्रोतागण
देहरादून, 19 जून, 2025. आज सायं दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में एक संगीत कार्यक्रम में आम श्रोता और संगीत प्रेमियों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के स्वर्णिम युग के गायकों और वादकों के संगीत का भरपूर आनंद लिया. निकोलस हॉफलैंड ने इस संदर्भ में उपस्थित लोगों के समक्ष पुराने भूले बिसरे गीतों पर वीडियो व्याख्यान द्वारा एक शानदार प्रस्तुति दी गयी.
इस कार्यक्रम में निकोलस द्वारा उस्ताद अब्दुल हलीम जाफ़र खाँ, उस्ताद विलायत खाँ साहब, उस्ताद इरशाद खाँ,मल्लिकाजुर्न मंसूर का गायन,जलसाघर की बेगम अख्तर,पंडित कृष्ण राव शंकर पंडित, पटियाला घराना क़े उस्ताद बड़े गुलाम अली खां, उस्ताद आमीर खाँ, सौमिक दत्ता, कौशिकी चक्रवर्ती द्वारा किये गए शास्त्रीय गायन के विविध टुकड़ो की रिकार्डिंग सुनाकर उनके विविध पक्षों पर महत्वपूर्ण सांगितिक जानकारी दी गयी. इसे उपस्थित श्रोताओं ने मंत्रमुग्ध होकर आंनद लिया.
कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय के प्रोग्राम एसोसिएट चंद्रशेखर तिवारी ने श्रोतागणों का अभिनन्दन किया. कार्यक्रम में अनिल नौरिया, अरुण असफल,. अम्मार रिज़वी, शीबा चौधरी, कुल भूषण,सुन्दर सिंह बिष्ट,हिमांशु आहूजा, पुष्पलता ममगाईं व देवेंद्र कांडपाल सहित शहर के अनेक प्रबुद्ध लोग, संगीतज्ञ, रंगकर्मी, लेखक, पाठकगण उपस्थित रहे.











